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भारत में 14 महारत्न कंपनियांहैं
महारत्न कंपनियां (Maharatna CPSEs):
Steel Authority of India Limited (SAIL)
Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL)
Coal India Limited (CIL)
Indian Oil Corporation (IOC)
Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL)
Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL)
National Thermal Power Corporation (NTPC)
Thermal Power Limited (टीपीएल)
Gas Authority of India Limited (GAIL)
State Bank of India (SBI)
Indian Airlines (अब Air India)
Maruti Suzuki
Airports Authority of India (AAI)
ONGC (Oil and Natural Gas Corporation)
Power Finance Corporation (PFC) - सबसे हाल में जोड़ी गई
महारत्न योजना क्या है?
महारत्न योजना (Maharatna Scheme) भारत सरकार द्वारा 2010 में शुरू की गई एक योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के बड़े केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) को अधिक वित्तीय और प्रबंधकीय स्वायत्तता (autonomy) प्रदान करना है, ताकि वे अपने कारोबार का तेजी से विस्तार कर सकें और विश्व स्तर की बहुराष्ट्रीय कंपनियां (Global Giants) बन सकें।
महारत्न का दर्जा प्राप्त करने की शर्तें (Eligibility Criteria)
किसी भी सरकारी कंपनी को महारत्न का दर्जा प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित सभी शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
नवरत्न का दर्जा = कंपनी को पहले से 'नवरत्न' (Navratna) का दर्जा प्राप्त होना चाहिए।
शेयर बाजार में लिस्टिंग = सेबी (SEBI) के नियमों के तहत कंपनी को भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध (Listed) होना चाहिए और उसमें न्यूनतम निर्धारित सार्वजनिक शेयरधारिता होनी चाहिए।
औसत वार्षिक कारोबार = पिछले लगातार 3 वर्षों में कंपनी का औसत वार्षिक टर्नओवर (Turnover) 25,000 करोड़ रुपये से अधिक होना चाहिए।
औसत वार्षिक निवल मूल्य = पिछले लगातार 3 वर्षों में कंपनी की औसत नेट वर्थ (Net Worth) 15,000 करोड़ रुपये से अधिक होनी चाहिए।
शुद्ध लाभ = पिछले 3 वर्षों में टैक्स चुकाने के बाद कंपनी का औसत वार्षिक शुद्ध लाभ (Net Profit) 5,000 करोड़ रुपये से अधिक होना चाहिए।
वैश्विक उपस्थिति = कंपनी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार और महत्वपूर्ण वैश्विक उपस्थिति होनी चाहिए।
महारत्न दर्जे के प्रमुख लाभ (Benefits)
महारत्न का दर्जा मिलने के बाद कंपनी को कई विशेष अधिकार मिल जाते हैं:
वित्तीय स्वायत्तता = महारत्न कंपनियां सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना किसी भी एक प्रोजेक्ट में 5,000 करोड़ रुपये या अपनी नेट वर्थ का 15% (जो भी कम हो) निवेश कर सकती हैं।
विलय और अधिग्रहण = इन कंपनियों को भारत या विदेशों में अन्य कंपनियों के साथ विलय (Mergers) और अधिग्रहण (Acquisitions) करने की अधिक स्वतंत्रता होती है।
शीघ्र निर्णय = बोर्ड को वित्तीय फैसले लेने की अधिक शक्तियां मिल जाती हैं, जिससे कंपनी की कार्यक्षमता और विकास दर में वृद्धि होती है।
वर्तमान स्थिति और कुछ प्रमुख उदाहरण
वर्तमान (2026) में भारत में कुल 14 महारत्न कंपनियां हैं। इनमें से कुछ प्रमुख कंपनियों के नाम इस प्रकार हैं:
HAL = हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (अक्टूबर 2024 में इसे 14वीं महारत्न कंपनी बनाया गया)
BHEL = भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड
NTPC = नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन
ONGC = ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन
IOCL = इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड
CIL = कोल इंडिया लिमिटेड
SAIL = स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड
SDG 1
(No Poverty) = गरीबी की समाप्ति
SDG 2
(Zero Hunger) = शून्य भुखमरी
SDG 3
(Good Health and Well-being) = अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण
SDG 4
(Quality Education) = गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
SDG 5
(Gender Equality) = लैंगिक समानता
SDG 6
(Clean Water and Sanitation) = स्वच्छ जल और स्वच्छता
SDG 7
(Affordable and Clean Energy) = सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा
SDG 8
(Decent Work and Economic Growth) = उत्कृष्ट कार्य और आर्थिक विकास
SDG 9
(Industry, Innovation and Infrastructure) = उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचा
SDG 10
(Reduced Inequality) = असमानता में कमी
SDG 11
(Sustainable Cities and Communities) = संवहनीय शहर और समुदाय
SDG 12
(Responsible Consumption and Production) = जिम्मेदारी के साथ उपभोग और उत्पादन
SDG 13
(Climate Action) = जलवायु कार्रवाई
SDG 14
(Life Below Water) = जल के नीचे जीवन
SDG 15
(Life on Land) = भूमि पर जीवन
SDG 16
(Peace, Justice and Strong Institutions) = शांति, न्याय और सुदृढ़ संस्थाएं
SDG 17
(Partnerships for the Goals) = लक्ष्यों के लिए भागीदारी
SDG (Full Form) =
SDG Definition (परिभाषा) =
Agenda 2030 (एजेंडा 2030) =
Start Year (शुरुआत) =
सतत विकास लक्ष्य (Sustainable Development Goals), 2030 तक गरीबी समाप्त करने, पर्यावरण की रक्षा करने और सभी के लिए शांति व समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा निर्धारित 17 वैश्विक लक्ष्य, इन 17 लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अपनाई गई 15 वर्षीय वैश्विक योजना (2015 से 2030 तक), 2015 में संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों द्वारा अपनाया गया