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हिन्दी में इतिहास-लेखन से जुड़े प्रमुख विचार, इतिहासकार और पद्धतियों के शब्दावली-स्तर फ्लैशकार्ड्स।
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इतिहास-लेखन (Historiography)
ऐतिहासिक घटनाओं के लेखन से जुड़ी पद्धतियाँ, स्रोत-निंदा/आलोचना, विचारधाराओं और संदर्भों का अध्ययन।
यूनानी इतिहास-लेखन (Greek historiography)
यूनान में इतिहास-कथन की परंपरा जिसमें Herodotus, Thucydides आदि प्रमुख रहे; मिथक व तथ्य का मिश्रण और गद्य शैली पर जोर।
हेलेनिस्टिक इतिहासलेखन (Hellenistic historiography)
हेलीनिस्टिक काल के इतिहासलेखन की प्रवृत्तियाँ; नगर-राज्यों के इतिहास के बजाय विश्व इतिहास का प्रयास और लोनीग्राफी से स्थानीय स्रोतों पर केंद्रित लेखन।
हेरोडोटस (Herodotus)
इतिहास का जनक माना जाने वाला ऐतिहासिक लेखक; ग्रीक-ईरान संघर्षों के वर्णन के साथ मिथक-यथार्थ का संयोजन किया।
थ्यूसीडाइडिस (Thucydides)
वैज्ञानिक/यथार्थवादी इतिहास-लेखन के जनक माने जाते हैं; प्रत्यक्षदर्शी प्रमाणों पर आधारित, निष्पक्षता व राज्य-घटना-तर्क पर केंद्रित।
पॉलिबियस (Polybius)
The Histories के लेखक; रोमन साम्राज्य के उभार के कारण व प्रभावों को वितरित करके समझाने की कोशिश।
लिवि (Livy)
रोमन इतिहासकार; History of Rome नामक विस्तृत ग्रंथों के संचयकर्ता; अपने समय के पूर्वाग्रहों से प्रभावित।
फाबियस पिक्टर (Fabius Pictor)
रोमन साम्राज्य के पहले इतिहासकारों में से एक; यूनानी साहित्य पर आधारित लेखन का आरम्भक।
पोर्सियस केटो (Cato the Elder)
Origins नामक ग्रंथों के लेखक; रोमन राजवंशों व वंशावलियों पर लेखन; नैतिक-आचार पर बल।
डायोडोरस इलियस (Diodorus Siculus)
विश्वव्यापी इतिहास (सब्से) लिखने वाले यूनानी इतिहासकार; मिथक-इतिहास का संयोजन।
टैसियस/सैलस्ट (Sallust)
रोमन इतिहासकार; पूर्वाग्रह-रहित आलोचनात्मक इतिहास लेखन के लिए जाने जाते हैं; हालांकि यहाँ पाठ में उनका उल्लेख आया है।
एयूसेबियस पम्पिलस (Eusebius Pamphilus)
ईसाई चर्च के इतिहास के प्रारम्भिक लेखक; चर्च इतिहास में महत्वपूर्ण ग्रंथों का संकलन।
एगस्टीन (Augustine)
City of God के लेखक; тарихи-दर्शन को ईसाई धर्म की दृष्टि से समझाते हुए देव-योजनामय इतिहास के विचार को प्रस्तुत किया।
इब्न खलदून (Ibn Khaldun)
Muqaddimah के लेखक; ऐतिहासिक विधि, असाब्बिया (समुदाय की भावनात्मक इकाई) और चक्रीय इतिहास के विचार।
बारानी (Barani)
Tarikh-i-Firuz Shah जैसे कालखंड के लेखक; मुस्लिम शासकों के शासन-वृतांत; धार्मिक-राजनीतिक प्रभाव दर्शाने वाले इतिहासकार।
अबुल-फजल (Abu'l-Fazl)
अकबरनामा के लेखक; अकबर के दरबारी इतिहासकार; प्राथमिक स्रोत-सम्पादन पर बल, पक्षपाती प्रवृत्ति पर आलोचना।
अकबरनामा (Akbarnama)
अबुल-फजल द्वारा रचा गया अकबर का राजशाही इतिहास; तीन भागों में लिखा; दरबारी दृष्टिकोण और ऐतिहासिक मौलिकता से जुड़ा।
अकबर-नमा (Akbarnama parts)
अकबर की राजधानी-शासन, शासक-न्याय-विज्ञान आदि का विस्तृत वर्णन; राजसत्ता के आधिकारिक इतिहास के रूप में प्रस्तुत।
जेम्स मिल (James Mill)
ब्रिटिश औपनिवेशिक इतिहास-लेखन का आरम्भकर्ता; History of British India ग्रंथ;Orientalist प्रवृत्ति का प्रतिनिधित्व।
विन्सेंट स्मिथ (Vincent Smith)
British India का निष्पक्ष इतिहास लिखने वाले प्रख्यात इतिहासकार; उतर-दक्षिण भारतीय इतिहास के अध्ययन में योगदान।
Mountstuart Elphinstone
History of Hindu and Mohammedan India जैसी रचना; मिल के इतिहास को पुनः प्रस्तुत करने में भूमिका।
Romila Thapar
भारतीय इतिहास-लेखन में आधुनिक, समाज-आधारित दृष्टिकोण की स्तम्भ; आधुनिक भारत का ऐतिहासिक विवेचन।
Ram Sharan Sharma
प्राचीन भारत का सामाजिक इतिहास-लेखन; इतिहास को सामाजिक-आर्थिक दृष्टिकोण से समझाने की कोशिश।
Romesh Chunder Dutt (R. C. Dutt)
भारतीय आर्थिक इतिहास को प्रमुखता से प्रस्तुत करने वाले राष्ट्रवादी इतिहासकार; कृषि-उत्पादन आदि पर जोर।
K. P. Jayaswal
राष्ट्रवादी इतिहासकार; हिंदू पॉलिटी, राज्य-व्यवस्था, और गणतंत्र/नागरिकता के चिंतन पर केंद्रित लेखन।
R. C. Majumdar
भारतीय इतिहास का पुनरोद्धार: प्राचीन-आधुनिक भारत के समन्वित अध्ययन; बहु-आयामी इतिहास-लेखन के समर्थक।
Sardesai (Govind Sakharam Sardesai)
मराठा इतिहास और भारत के प्राचीन इतिहास के समेकित लेखन के योगदानकर्ता; मराठा इतिहास का संपादन।
Subaltern Studies (Ranajit Guha)
निम्न-वर्ग/दलित आदि के इतिहास पर केंद्रित आलोचनात्मक धारा; भारतीय इतिहास में अभिजात वर्ग के प्रभाव पर प्रश्नचिह्न।
Spivak (Can Subaltern Speak?)
सबअल्टर्न के आवाज-निम्न के प्रश्नों को उठाने वाली आलोचनात्मक लेखन-धारा; postcolonial thought.
Cambridge स्कूल (Gallagher, Seal, Johnson)
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के इतिहासकारों का समूह; Lokality-Province-Nation के तर्क से आधुनिक इतिहास की स्थानीय/राष्ट्रीय बहस।
Annales School (Bloch, Febvre)
Marc Bloch और Lucien Febvre द्वारा स्थापित इतिहास-लेखन; longue durée, सामाजिक-आर्थिक दृष्टिकोण, समस्या-उन्मुख पाठ।
Leopold von Ranke
आधुनिक इतिहास-लेखन के जनक; प्राथमिक स्रोतों पर जोर, इतिहास को जैसे घटा ठीक वैसा लिखना—objectivity का सख्त मानक।
Marxist Historiography (Kosambi आदि)
आर्थिक कारणों को इतिहास-घटनाओं का केंद्र मानने वाली धारा; उत्पादन-चरित्रण, वर्ग-संरचना व सामाजिक-आर्थिक विश्लेषण को प्राथमिकता।
Confucius (Kongzi) और Five Classics (Wu Jing)
चीन के इतिहास-लेखन का स्वर्ण-युग; Confucian मान्यताएं व पाँच ग्रंथ (Shijing, Shujing, Liji, I Ching, Shūjīng) तथा Analects; इतिहास का नैतिक-सरस पाठ।
Sima Qian (Shiji)
Records of the Grand Historian; चीनी इतिहास-लेखन का प्रारम्भिक ग्रंथ; व्यापक विश्व-इतिहास का प्रचलन।
Analects, Mencius, Spring and Autumn Annals
कन्फ्यूशियस के सुझावों और उनके शिष्यों के लेख; Analects, Mencius और Spring and Autumn Annals चीनी इतिहास-लेखन की प्रमुख कृतियाँ।
Islamic historiography (Barni, Ibn Khaldun, Abu'l Fazl)
इस्लामी इतिहास लेखन: Tarih-i-Firuz Shah, Tarikh-i-Barani आदि; Barani, Ibn Khaldun आदि के लेखन में धर्म-धर्मनिरपेक्षता और सत्ता/इतिहास की आलोचना।
Eastern Indology/Orientalism (Jones, Colebrooke, Max Müller)
औपनिवेशिक इतिहास-लेखन जिसमें भारतीय इतिहास को यूरोप से जोड़कर पढ़ना और यूरोपीय श्रेष्ठता का दावा करना प्रमुख था; Orientalist/Indologist प्रवृत्ति।
Nationalist historiography (Sardesai, Jayaswal, Majumdar, Thapar आदि)
स्वतंत्रता पूर्व-काल से भारतीय इतिहास को मानवीय गौरव से जोड़ने, अभिजात-वर्ग की धारणाओं से मुक्त कर, राष्ट्रीय जागरण को प्रेरित करने वाला लेखन।
Subaltern Studies Group (Guha, Spivak, Chakrabarty, etc.)
भारतीय समाज के निम्न-वर्ग, आदिवासी, दलित आदि के इतिहास पर केंद्रित आलोचनात्मक अध्ययन समूह—घटक-आर्थिक विविधताओं पर बल।
End of History (Francis Fukuyama)
विश्व में लोकतांत्रिक पूंजीवाद को ऐतिहासिक विकास की अंतिम अवस्था मानने वाला विचार; post-Cold War पर केंद्रित।
Postmodernism in history (Foucault, Lyotard, Derrida)
इतिहास को मानव-भाषा, सत्ता-निर्भर, संस्थागत निर्माण मानने वाली धाराएं; वास्तविकता-आकृति के प्रश्न, deconstruction आदि।
इतिहास-लेखन (Historiography)
ऐतिहासिक घटनाओं के लेखन से जुड़ी पद्धतियाँ, स्रोत-निंदा/आलोचना, विचारधाराओं और संदर्भों का अध्ययन।
यूनानी इतिहास-लेखन (Greek historiography)
यूनान में इतिहास-कथन की परंपरा जिसमें Herodotus, Thucydides आदि प्रमुख रहे; मिथक व तथ्य का मिश्रण और गद्य शैली पर जोर।
लॉगोग्राफर्स (Logographers)
यूनानी इतिहास-लेखन में हेरोडोटस से पहले के लेखक जिन्होंने यात्रा वृत्तांतों और स्थानीय परम्पराओं को दर्ज किया; इतिहास-पूर्व लेखन की श्रेणी।
हेलेनिस्टिक इतिहासलेखन (Hellenistic historiography)
हेलीनिस्टिक काल के इतिहासलेखन की प्रवृत्तियाँ; नगर-राज्यों के इतिहास के बजाय विश्व इतिहास का प्रयास और लोनीग्राफी से स्थानीय स्रोतों पर केंद्रित लेखन।
हेरोडोटस (Herodotus)
इतिहास का जनक माना जाने वाला ऐतिहासिक लेखक; ग्रीक-ईरान संघर्षों के वर्णन के साथ मिथक-यथार्थ का संयोजन किया।
थ्यूसीडाइडिस (Thucydides)
वैज्ञानिक/यथार्थवादी इतिहास-लेखन के जनक माने जाते हैं; प्रत्यक्षदर्शी प्रमाणों पर आधारित, निष्पक्षता व राज्य-घटना-तर्क पर केंद्रित।
पॉलिबियस (Polybius)
The Histories के लेखक; रोमन साम्राज्य के उभार के कारण व प्रभावों को वितरित करके समझाने की कोशिश।
लिवि (Livy)
रोमन इतिहासकार; History of Rome नामक विस्तृत ग्रंथों के संचयकर्ता; अपने समय के पूर्वाग्रहों से प्रभावित।
फाबियस पिक्टर (Fabius Pictor)
रोमन साम्राज्य के पहले इतिहासकारों में से एक; यूनानी साहित्य पर आधारित लेखन का आरम्भक।
पोर्सियस केटो (Cato the Elder)
Origins नामक ग्रंथों के लेखक; रोमन राजवंशों व वंशावलियों पर लेखन; नैतिक-आचार पर बल।
डायोडोरस इलियस (Diodorus Siculus)
विश्वव्यापी इतिहास (सब्से) लिखने वाले यूनानी इतिहासकार; मिथक-इतिहास का संयोजन।
टैसियस/सैलस्ट (Sallust)
रोमन इतिहासकार; पूर्वाग्रह-रहित आलोचनात्मक इतिहास लेखन के लिए जाने जाते हैं; हालांकि यहाँ पाठ में उनका उल्लेख आया है।
एयूसेबियस पम्पिलस (Eusebius Pamphilus)
ईसाई चर्च के इतिहास के प्रारम्भिक लेखक; चर्च इतिहास में महत्वपूर्ण ग्रंथों का संकलन।
एगस्टीन (Augustine)
City of God के लेखक; тарихи-દર્શન को ईसाई धर्म की दृष्टि से समझाते हुए देव-योजनामय इतिहास के विचार को प्रस्तुत किया।
इब्न खलदून (Ibn Khaldun)
Muqaddimah के लेखक; ऐतिहासिक विधि, असाब्बिया (समुदाय की भावनात्मक इकाई) और चक्रीय इतिहास के विचार।
मुकद्दिमा (The Muqaddimah)
इब्न खलदून का महत्वपूर्ण ग्रंथ जो इतिहास-लेखन की विधि, सामाजिक संरचनाओं, राजव्यवस्था और अर्थव्यवस्था पर एक व्यापक परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत करता है; चक्रीय इतिहास और 'असाब्बिया' का सिद्धांत।
बारानी (Barani)
Tarikh-i-Firuz Shah जैसे कालखंड के लेखक; मुस्लिम शासकों के शासन-वृतांत; धार्मिक-राजनीतिक प्रभाव दर्शाने वाले इतिहासकार।
अबुल-फजल (Abu'l-Fazl)
अकबरनामा के लेखक; अकबर के दरबारी इतिहासकार; प्राथमिक स्रोत-सम्पादन पर बल, पक्षपाती प्रवृत्ति पर आलोचना।
अकबरनामा (Akbarnama)
अबुल-फजल द्वारा रचा गया अकबर का राजशाही इतिहास; तीन भागों में लिखा; दरबारी दृष्टिकोण और ऐतिहासिक मौलिकता से जुड़ा।
अकबर-नमा (Akbarnama parts)
अकबर की राजधानी-शासन, शासक-न्याय-विज्ञान आदि का विस्तृत वर्णन; राजसत्ता के आधिकारिक इतिहास के रूप में प्रस्तुत।
जेम्स मिल (James Mill)
ब्रिटिश औपनिवेशिक इतिहास-लेखन का आरम्भकर्ता; History of British India ग्रंथ;Orientalist प्रवृत्ति का प्रतिनिधित्व।
विन्सेंट स्मिथ (Vincent Smith)
British India का निष्पक्ष इतिहास लिखने वाले प्रख्यात इतिहासकार; उतर-दक्षिण भारतीय इतिहास के अध्ययन में योगदान।
Mountstuart Elphinstone
History of Hindu and Mohammedan India जैसी रचना; मिल के इतिहास को पुनः प्रस्तुत करने में भूमिका।
Romila Thapar
भारतीय इतिहास-लेखन में आधुनिक, समाज-आधारित दृष्टिकोण की स्तम्भ; आधुनिक भारत का ऐतिहासिक विवेचन।
Ram Sharan Sharma
प्राचीन भारत का सामाजिक इतिहास-लेखन; इतिहास को सामाजिक-आर्थिक दृष्टिकोण से समझाने की कोशिश।
Romesh Chunder Dutt (R. C. Dutt)
भारतीय आर्थिक इतिहास को प्रमुखता से प्रस्तुत करने वाले राष्ट्रवादी इतिहासकार; कृषि-उत्पादन आदि पर जोर।
K. P. Jayaswal
राष्ट्रवादी इतिहासकार; हिंदू पॉलिटी, राज्य-व्यवस्था, और गणतंत्र/नागरिकता के चिंतन पर केंद्रित लेखन।
R. C. Majumdar
भारतीय इतिहास का पुनरोद्धार: प्राचीन-आधुनिक भारत के समन्वित अध्ययन; बहु-आयामी इतिहास-लेखन के समर्थक।
Sardesai (Govind Sakharam Sardesai)
मराठा इतिहास और भारत के प्राचीन इतिहास के समेकित लेखन के योगदानकर्ता; मराठा इतिहास का संपादन।
Subaltern Studies (Ranajit Guha)
निम्न-वर्ग/दलित आदि के इतिहास पर केंद्रित आलोचनात्मक धारा; भारतीय इतिहास में अभिजात वर्ग के प्रभाव पर प्रश्नचिह्न।
Spivak (Can Subaltern Speak?)
सबअल्टर्न के आवाज-निम्न के प्रश्नों को उठाने वाली आलोचनात्मक लेखन-धारा; postcolonial thought.
Cambridge स्कूल (Gallagher, Seal, Johnson)
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के इतिहासकारों का समूह; Lokality-Province-Nation के तर्क से आधुनिक इतिहास की स्थानीय/राष्ट्रीय बहस।
Annales School (Bloch, Febvre)
Marc Bloch और Lucien Febvre द्वारा स्थापित इतिहास-लेखन; longue durée, सामाजिक-आर्थिक दृष्टिकोण, समस्या-उन्मुख पाठ।
Leopold von Ranke
आधुनिक इतिहास-लेखन के जनक; प्राथमिक स्रोतों पर जोर, इतिहास को जैसे घटा ठीक वैसा लिखना—objectivity का सख्त मानक।
प्राथमिक स्रोत (Primary Source)
ऐतिहासिक घटनाओं के सीधे प्रमाण या पहली हाथ की जानकारी; जैसे कि आधिकारिक दस्तावेज, पत्र, आत्मकथाएं, या कलाकृतियाँ।
Marxist Historiography (Kosambi आदि)
आर्थिक कारणों को इतिहास-घटनाओं का केंद्र मानने वाली धारा; उत्पादन-चरित्रण, वर्ग-संरचना व सामाजिक-आर्थिक विश्लेषण को प्राथमिकता।
Confucius (Kongzi) और Five Classics (Wu Jing)
चीन के इतिहास-लेखन का स्वर्ण-युग; Confucian मान्यताएं व पाँच ग्रंथ (Shijing, Shujing, Liji, I Ching, Shūjīng) तथा Analects; इतिहास का नैतिक-सरस पाठ।
Sima Qian (Shiji)
Records of the Grand Historian; चीनी इतिहास-लेखन का प्रारम्भिक ग्रंथ; व्यापक विश्व-इतिहास का प्रचलन।
Analects, Mencius, Spring and Autumn Annals
कन्फ्यूशियस के सुझावों और उनके शिष्यों के लेख; Analects, Mencius और Spring and Autumn Annals चीनी इतिहास-लेखन की प्रमुख कृतियाँ।
Islamic historiography (Barni, Ibn Khaldun, Abu'l Fazl)
इस्लामी इतिहास लेखन: Tarih-i-Firuz Shah, Tarikh-i-Barani आदि; Barani, Ibn Khaldun आदि के लेखन में धर्म-धर्मनिरपेक्षता और सत्ता/इतिहास की आलोचना।
Eastern Indology/Orientalism (Jones, Colebrooke, Max Müller)
औपनिवेशिक इतिहास-लेखन जिसमें भारतीय इतिहास को यूरोप से जोड़कर पढ़ना और यूरोपीय श्रेष्ठता का दावा करना प्रमुख था; Orientalist/Indologist प्रवृत्ति।
Nationalist historiography (Sardesai, Jayaswal, Majumdar, Thapar आदि)
स्वतंत्रता पूर्व-काल से भारतीय इतिहास को मानवीय गौरव से जोड़ने, अभिजात-वर्ग की धारणाओं से मुक्त कर, राष्ट्रीय जागरण को प्रेरित करने वाला लेखन।
Subaltern Studies Group (Guha, Spivak, Chakrabarty, etc.)
भारतीय समाज के निम्न-वर्ग, आदिवासी, दलित आदि के इतिहास पर केंद्रित आलोचनात्मक अध्ययन समूह—घटक-आर्थिक विविधताओं पर बल।
End of History (Francis Fukuyama)
विश्व में लोकतांत्रिक पूंजीवाद को ऐतिहासिक विकास की अंतिम अवस्था मानने वाला विचार; post-Cold War पर केंद्रित।
Postmodernism in history (Foucault, Lyotard, Derrida)
इतिहास को मानव-भाषा, सत्ता-निर्भर, संस्थागत निर्माण मानने वाली धाराएं; वास्तविकता-आकृति के प्रश्न, deconstruction आदि।