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कोशिका विज्ञान व्याख्यान नोट्स पर आधारित प्रमुख कोशिकांगों, उनकी संरचना, खोजकर्ताओं और जैविक कार्यों के महत्वपूर्ण शब्दावली फ़्लैशकार्ड।
गोल्जीकाय (Golgi Bodies)
स्रावण (पाचक रस, अग्नाशयी रस, श्लेष्मा), लाइसोसोम निर्माण, शुक्राणु के एक्रोसोम तथा कोशिका भित्ति के निर्माण में सहायक कोशिकांग, जिसमें परिपक्व तल (Trans-face) और Cis-face पाए जाते हैं।
लाइसोसोम (Lysosome)
डीड्यू द्वारा यकृत कोशिकाओं में खोजी गई एकल इकाई झिल्ली युक्त गोलाकार थैलीनुमा संरचना, जिसकी उत्पत्ति गोल्जीकाय से होती है और इसमें अन्तःकोशिकीय पाचन करने वाले जल-अपघटनी एन्जाइम पाए जाते हैं।
आत्मघाती थैली (Suicidal Bag / Atom Bomb of Cell)
लाइसोसोम को दिया गया नाम; किसी कारणवश इसकी थैली फटने पर इसके पाचक एन्जाइम पूरी कोशिका का पाचन कर उसे नष्ट कर देते हैं।
कोशिका का अपमार्जक (Scavenger of Cell / Disposal of Cell)
लाइसोसोम की संज्ञा, क्योंकि यह रोगग्रस्त व पुरानी मृत कोशिकाओं को नष्ट करता है तथा कोशिका से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का कार्य करता है।
सूक्ष्मकाय (Microbodies)
अन्तःप्रद्रव्यी जालिका व गोल्जीकाय से निर्मित एकल कला से घिरी छोटी गोलाकार संरचनाएँ, जो मुख्य रूप से परऑक्सीसोम तथा ग्लाइऑक्सीसोम के रूप में पाई जाती हैं।
परऑक्सीसोम (Peroxisome)
टोलबर्ट (1969) द्वारा खोजा गया सूक्ष्मकाय, जो पादपों के हरित ऊतकों में C3 अप्रकाशीय श्वसन से सम्बन्धित होता है तथा जन्तुओं के यकृत व वृक्क में पाया जाता है।
ग्लाइऑक्सीसोम (Glyoxysome)
बीवर्स (1961) द्वारा तेलयुक्त बीजों व यीस्ट में खोजा गया एकल झिल्ली युक्त कोशिकांग, जो मैलेट सिंथेटेज व अन्य एन्जाइमों द्वारा ग्लाइऑक्सीलेट चक्र के माध्यम से वसीय अम्लों को ग्लूकोज में परिवर्तित करता है।
अन्तःप्रद्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum)
कीथ पोर्टर द्वारा खोजी गई संरचना, जो कोशिका को अन्तःकंकाल, आकार, दृढ़ता व यांत्रिक बल प्रदान करती है तथा यकृत में विषहरण (निरावेषीकरण) का कार्य करती है।
खुरदरी अन्तःप्रद्रव्यी जालिका (RER)
अन्तःप्रद्रव्यी जालिका का वह प्रकार जिसकी सतह पर राइबोसोम उपस्थित होते हैं, जिससे यह प्रोटीन संश्लेषण और लाइसोसोम के एन्जाइम निर्माण का कार्य करती है।
चिकनी अन्तःप्रद्रव्यी जालिका (SER)
राइबोसोम रहित अन्तःप्रद्रव्यी जालिका, जो वसा, ग्लाइकोजन तथा स्टेरॉयड संश्लेषण से सम्बन्धित होती है।
तारककाय (Centrosome)
वॉन बेण्डन द्वारा खोजा गया तथा टी. बोवेरी द्वारा नामित कोशिकांग, जिसके भीतर दो सघन बिन्दु रूपी तारक केन्द्र (Centriole) उपस्थित होते हैं।
राइबोसोम (Ribosome)
क्लाडे द्वारा खोजा गया एवं पैलेडे द्वारा नामित झिल्ली विहीन सबसे छोटा कोशिकांग, जिसे 'कोशिका का इंजन' या 'प्रोटीन फैक्ट्री' कहा जाता है।
70S राइबोसोम
प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं, हरितलवक तथा माइटोकॉन्ड्रिया में पाया जाने वाला राइबोसोम, जिसकी दो उप-इकाइयाँ 50S व 30S होती हैं।
80S राइबोसोम
यूकैरियोटिक कोशिकाओं के जीवद्रव्य, खुरदरी ER तथा केन्द्रक में पाया जाने वाला राइबोसोम, जिसकी दो उप-इकाइयाँ 60S व 40S होती हैं।
मैग्नीशियम सान्द्रता (Mg Concentration)
वह रासायनिक कारक जिसकी सान्द्रता पर राइबोसोम की दोनों उप-इकाइयों का आपस में संयोजन एवं वियोजन निर्भर करता है।
लवक (Plastids)
हेकल (1865) द्वारा खोजे गए पादप कोशिकांग, जिन्हें सिम्पर ने तीन प्रकारों—ल्यूकोप्लास्ट, क्रोमोप्लास्ट तथा क्लोरोप्लास्ट में विभाजित किया।
ल्यूकोप्लास्ट (Leucoplast)
पौधे के रंगहीन भागों (जड़ व भूमिगत तना) में पाया जाने वाला सबसे बड़ा अनियमित लवक, जिसमें कोई वर्णक नहीं होता और यह भोजन संग्रह का कार्य करता है।
एमाइलोप्लास्ट (Amyloplast)
खाद्य संचय करने वाला सबसे बड़ा अवर्णी लवक (ल्यूकोप्लास्ट), जो विशेष रूप से स्टार्च का संचय करता है।
क्रोमोप्लास्ट (Chromoplast)
पौधों के रंगीन भागों (फूलों के दलों व फलभित्ति) में पाया जाने वाला मध्यम आकार का अनियमित लवक, जो कीटों द्वारा परागण में सहायता करता है।
हरित लवक (Chloroplast)
प्रकाश रूपी गतिज ऊर्जा को भोजन रूपी स्थितिज ऊर्जा में बदलने वाला सबसे बड़ा कोशिकांग, जिसकी खोज ल्यूवेनहॉक ने की तथा नाम Erera ने दिया।
क्वांटासोम (Quantasome)
थाइलेकॉइड में उपस्थित प्रकाश संश्लेषण की कार्यात्मक इकाई, जिसमें पर्णहरित तथा सहायक वर्णक पाए जाते हैं।
पर्णहरित (Chlorophyll)
पत्तियों को हरा रंग प्रदान करने वाला मुख्य प्रकाश संश्लेषक वर्णक, जिसमें मैग्नीशियम (Mg) धातु पाई जाती है।
लाइकोपिन (Lycopene)
टमाटर को विशिष्ट लाल रंग प्रदान करने वाला वर्णक।
कैप्सेन्थिन (Capsanthin)
मिर्च को लाल रंग प्रदान करने वाला पादप वर्णक।
बीटानिन (Betanin)
चुकन्दर को गहरा लाल रंग प्रदान करने वाला वर्णक।
कैरियोलॉजी (Karyology)
कोशिका विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत केन्द्रक (Nucleus) की संरचना तथा कार्यों का अध्ययन किया जाता है।
केन्द्रक (Nucleus)
रॉबर्ट ब्राउन (1831) द्वारा आर्किड की जड़ों में खोजा गया मुख्य नियंत्रक अंग, जो स्तनधारियों की परिपक्व RBC तथा फ्लोएम की चालनी नलिकाओं में अनुपस्थित होता है।
न्यूक्लियोइड (Nucleoid / Genophore)
प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में पाया जाने वाला झिल्ली-विहीन, अविकसित केन्द्रक जिसे Incipient या Primitive Nucleus भी कहते हैं।
केन्द्रिका (Nucleolus)
फोन्टाना (1781) द्वारा खोजी गई व बोमन (1840) द्वारा नामित संरचना, जो r-RNA के संश्लेषण तथा राइबोसोम निर्माण में सहायक होती है।
यूक्रोमैटिन (Euchromatin)
केन्द्रक के क्रोमेटिन जाल का हल्का अभिरंजित व विसरित भाग, जो आनुवंशिक रूप से अधिक सक्रिय होता है।