रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण - हिन्दी नोट्स
1. रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण
उद्देश्य/परिचय
पदार्थों के परिवर्तन की भावनाओं को रसायन-विद्या में अभिक्रिया के रूप में पहचानना।
क्रिया के दौरान अवस्था, रंग, गैस उत्सर्जन, तापमान परिवर्तन जैसे संकेत देखे जाते हैं।
पदार्थों के भौतिक तथा रासायनिक परिवर्तन की चर्चा पहले भी हो चुकी है; अब हमें रासायनिक समीकरणों के द्वारा इनमें दर्शाने की आदत डालनी है।
क्रियाकलापों से परिचय (प्राथमिक अवलोकन)
Mg रबरन को ऑक्सीजन के वातावरण में दहन कर MgO बनना — चमकदार सफेद लौ और सफेद चूर्ण MgO बनना। यह पदार्थ वायु़ं मौजूद ऑक्सीजन और Mg के बीच रासायनिक परिवर्तन का परिणाम है।
दहन के दौरान आंखों की सुरक्षा आवश्यक; गर्मी/आग से सतर्कता रखें।
1.1 रासायनिक समीकरण
शब्द-समीकरण (word equation)
Mg + O_2 → MgO
अभिकारक (reactants) Mg और O2, उत्पाद MgO; अभिक्रिया का संक्षिप्त वर्णन यह है कि Mg और O2 मिलकर MgO बनाते हैं।
शब्द-समीकरण में अभिक्रियाओं के द्रव्यमान परिवर्तन का संकेत नहीं दिया जाता; यह केवल समझाने के लिए होता है।
रासायनिक समीकरण (chemical equation) क्या है
एक रासायनिक अभिक्रिया को दर्शाने का संक्षिप्त रूप है, जिसमें अभिकारक और उत्पाद angezeigt होते हैं।
उदाहरण:
द्रव्यमान के संरक्षण के नियम के अनुसार हर तत्व की परमाणुओं की संख्या रिएक्शन के दायें एवं बायें तरफ समान होनी चाहिए।
इसे संतुलित करना आवश्यक है ताकि द्रव्यमान की बचत हो सके।
संतुलित रासायनिक समीकरण की महत्ता
द्रव्यमान का संरक्षण (Law of Conservation of Mass): किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न बनता है न नष्ट होता है; उत्पादों का कुल द्रव्यमान अभिकारकों के कुल द्रव्यमान के बराबर रहता है।
संतुलित समीकरण वह होता है जिसमें हर तत्व के परमाणुओं की गिनती दोनों ओर बराबर हो।
चरणबद्ध संतुलन (चरणबद्ध संतुलित करण) – Fe + H2O → Fe3O4 + H2 (1.4 से 1.9 तक)
उदाहरण: Fe + H2O → Fe3O4 + H2 (अप्रत्याशित असंतुलन); चरणबद्ध संतुलन के लिए बॉक्स बनाओ, तत्वों की संख्या गिनो, सबसे अधिक परमाणु वाले यौगिक को प्राथमिकता दें, और क्रमबद्ध तरीके से समायोजन करो:
चरण 1: प्रारंभिक असंतुलन: Fe + H2O → Fe3O4 + H2
चरण 2: LHS और RHS में Fe, H, O के परमाणु गिनो: Fe 1 vs 3; H 2 vs 4; O 1 vs 4
चरण 3–6: सबसे अधिक परमाणु वाले यौगिक (Fe3O4) को आधार बनाकर समायोजन; H2O के चार परमाणु (i) प्रारम्भिक (ii) संTalित करने के लिए 4H2O आदि;
चरण 7: तत्वों की संख्या बराबर हो, ताकि संतुलन स्थापित हो।
चरण 8: संतुलित समीकरण (आशंिक) इस प्रकार होगा:
चरण 9: भौतिक अवस्थाओं के संकेत जोड़ें:
नोट: कभी-कभी ताप, दाब, उत्प्रेरक आदि भी तीर के ऊपर/नीचे दर्शाए जाते हैं; वहाँ आवश्यक हो वहाँ (g), (l), (aq), (s) लिखना चाहिए।
उदाहरण (1.3): Zn + H2SO4 → ZnSO4 + H2
यह भी एक संयोजन अभिक्रिया नहीं है; यह वास्तव में एक single-displacement/ replacement reaction है जो Zn को H2SO4 से ZnSO4 बनाते हुए H2 गैस छोड़ता है।
अभ्यास/समीकरण (1.3) के अनुसार संतुलन जाँचना
तत्वों Fe, H, O आदि की संख्या दायें-बायें बराबर हो यह जाँचना।
संतुलित समीकरण: Fe + 4 H2O → Fe3O4 + 4 H2 (आशंिक रूप से संतुलित); States:
2. रसायन अभिक्रियाओं के प्रकार
परिचय
किसी अभिक्रिया में हर तत्व के परमाणु एक ही प्रकार के रहते हैं; नए पदार्थों का निर्माण होता है। यौगिकों के आपस में बाँध टूटते/जड़ते हैं।
अध्याय 3 और 4 में परमाणु बंधों के प्रकार (आबंध) पढ़े जाते हैं।
2.1 संयोजन अभिक्रिया (Combination/ Synthesis)
दो या दो से अधिक पदार्थ मिलकर एक नया पदार्थ बनाते हैं
CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + ऊष्मा (1.13)
CaO + H2O → Ca(OH)2; यह एक संयोजन अभिक्रिया है; अधिक ऊष्मा भी मुक्त हो सकता है।
Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3 + H2O (दीवारों की सफेदी/रसीन आदि के लिए CaCO3 बनना— स्पष्ट उदाहरण)
कुछ अन्य संयोजन अभिक्रिया उदाहरण:
C(s) + O2(g) → CO2(g)
2H2(g) + O2(g) → 2H2O(l)
ऊष्माक्षेपी संयोजन (exothermic synthesis):
प्राकृतिक गैस का दहन: CH4(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(g) + ऊर्जा
श्वसन एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है (ऊर्जा बनती है) – C6H12O6(aq) + 6O2(aq) → 6CO2(aq) + 6H2O(l) + ऊर्जा
एक और उदाहरण: CaCO3(s) का CaO(s) + CO2(g) में वियोजन (ऊष्मा के साथ) नहीं; यहाँ CaCO3 बनाम CaO + CO2
2.2 वियोजन अभिक्रिया (Decomposition)
एक पदार्थ → दो या अधिक उत्पाद
उदाहरण:
FeSO4·7H2O → Fe2O3 + SO2 + SO3 + H2O (घटित/सूखने के समय रंगहरा रंग बदलना)
CaCO3(s) → CaO(s) + CO2(g) (उष्मा के साथ सरल वियोजन)
Pb(NO3)2(s) → PbO(s) + NO2(g) + O2(g) (Lead nitrate का गर्म करने पर NO2—NOx गैस उत्पन्न)
वियोजन अभिक्रिया को ऊष्मीय वियोजन (therm decomposition) कहा जाता है।
कुछ अन्य प्रकार की वियोजन के उदाहरण: FeSO4·7H2O आदि में पानी/हाइड्रेटेड क्रिस्टल का जल त्याग देना (घटित रंग/गंध परिवर्तन) भी शामिल है।
2.3 विस्थापन अभिक्रिया (Single-displacement/ Replacement)
एक तत्व दूसरे तत्व के यौगिक से इलेक्ट्रॉनिक रूप से विस्थापित हो जाता है
उदाहरण:
Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s)
Zn(s) + CuSO4(aq) → ZnSO4(aq) + Cu(s)
Pb(s) + CuCl2(aq) → PbCl2(aq) + Cu(s)
सामान्य नियम: अधिक क्रियाशील धातु (Zn, Fe आदि) Cu से अधिक सक्रिय है और Cu को उनके यौगिक से विस्थापित कर देता है।
2.4 द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double-displacement / Metathesis)
अभिकारकों के आयनों का स्थानांतरण होता है; द्रव्यमान/घुलन पर्याप्त रूप से बनते हैं या अवक्षेप बनता है
उदाहरण:
Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq)
BaCl2(aq) + Na2SO4(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq) (यही प्रकार है)
अवक्षेपण अभिक्रिया: अवक्षेप (precipitate) बनना; जो जल में विलयन नहीं होता है, वह अवक्षेप के रूप में दिखता है।
2.5 उपचयन (Oxidation) एवं अपचयन (Reduction) — रेडॉक्स अभिक्रियाएँ
परिभाषा
उपचयन (Oxidation): किसी अभिकारक में ऑक्सीजन की वृद्धि (या इलेक्ट्रॉन का नुकसान) होता है; उदाहरण में H2O, O2 आदि परिदृश्य शामिल होते हैं।
अपचयन (Reduction): किसी अभिकारक में इलेक्ट्रॉन प्राप्त करता है; उदाहरण में O2, CO2 आदि की स्थितियाँ घटती/बढ़ती हैं।
कुछ उदाहरण:
ZnO + C → Zn + CO (ZnO में Zn^2+ का reduction, C का oxidation)
MnO2 + 4HCl → MnCl2 + 2H2O + Cl2 (MnO2 में Mn oxidation state घटता/Cl- oxidation state बढ़ता दिखता है)
नियम: यदि अभिक्रिया में किसी पदार्थ का उपचयन होता है (ऑक्सीजन की वृद्धि या हाइड्रोजन का ह्रास), तो वही घटक oxidation/उपचयन है; और अपचयन तब होता है जब ऑक्सीजन का ह्रास या हाइड्रोजन का वृद्धि हो।
3. दैनिक जीवन से अभिक्रियाएँ (1.3 एवं उसके उपखंड)
संक्षारण (Corrosion)
लोहे/चाँदी/ताँबा आदि पर आर्द्र-आर्द्र वातावरण/आम्लों के संपरक में आने पर लालिमा/काली/हरी परत बनना; यह संक्षारण कहलाता है।
लोहे के लिए जंग लगना एक प्रधान उदाहरण है; अन्य धातुओं पर भी ऐसी प्रतिक्रियाओं से सतह परिवर्तन दिखते हैं।
विकृतगंधिता (Rancidity)
वसायुक्त खाद्यों में ऑक्सीकरण के कारण स्वाद/गंध में परिवर्तन होता है; रोकथाम के लिए अभिक्रियाओं को रोकने वाले एंटीऑक्सीडेंट/नाइट्रोजन-उत्पादन गैस आदि मिलाये जाते हैं।
प्रभाव/उपयोग
खाद्य संरक्षण, धातु संरचना की सुरक्षा, इत्यादि— उपचयन/अपचयन के सिद्धांत इन daily-life phenomena में प्रयुक्त होते हैं।
4. ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया
ऊष्माक्षेपी (Exothermic) अभिक्रिया
ऐसी अभिक्रियाएं जिनमें उत्पाद निर्माण के साथ ऊष्मा उत्सर्जित होती है;
उदाहरण: CH4(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(g) + energy
ऊष्माशोषी (Endothermic) अभिक्रिया
ऐसी अभिक्रियाएं जिनमें ऊर्जा अवशोषित होती है; ताप नहीं बढ़ता है या ठंडा होता है।
श्वसन (Respiration) एक ऊष्माक्षेपी प्रक्रिया है; ग्लूकोज़ और ओ₂ मिलकर ऊर्जा देता है:
उपचयन-अपचयन (Redox) के उदाहरण व संकल्पनाएँ: алюमिनियम/लौह आदि के साथ आवर्त-आधारित प्रतिक्रियाएं।
5. अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation)
एक अभिक्रिया जिसमें अवक्षेप बनना स्पष्ट चरण होता है
उदाहरण: Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq)
कारण: Ba^{2+} और SO4^{2-} आयनों के मिलन से BaSO4 के अवक्षेप का निर्माण होता है; NaCl जल में रहता है।
6. उपचयन एवं अपचयन (Redox) — गहरी समझ
उपचयन (Oxidation) और अपचयन (Reduction) के संकेत
उपचयन: ऑक्सीजन की वृद्धि/हाइड्रोजन का कमी; इलेक्ट्रॉन का loss
अपचयन: ऑक्सीजन का कमी/हाइड्रोजन की वृद्धि; इलेक्ट्रॉन का gain
रेडॉक्स अभिक्रियाओं के और उदाहरण
ZnO + C → Zn + CO
MnO2 + 4HCl → MnCl2 + 2H2O + Cl2
दैनिक जीवन में इन अभिक्रियाओं के संकेत और उपयोग
7. फोटोपोटायल/प्रकाश-उत्पन्न अभिक्रियाएँ
धातु आयनों का प्रकाश से विभाजन/वियोजन
सिल्वर क्लोराइड (AgCl) और सिल्वर ब्रोमैड (AgBr) प्रकाश के प्रभाव से धीमे दूषित होते हैं, और धातु सिल्वर बन जाते हैं:
2AgCl(s) → 2Ag(s) + Cl2(g)
2AgBr(s) → 2Ag(s) + Br2(g)
प्रकाश कैसे ऊर्जा देता है (photolysis) – इस प्रक्रिया में ऊर्जा का उपयोग होता है ताकि अभिक्रिया आगे बढ़े।
प्रयोग/प्रयोग-आधार: चायना डिश में AgCl की सतह पर प्रकाश डालना; प्रकाश के प्रभाव से Ag बनना दिखना।
8. विद्युत-आधारित अभिक्रियाएं (Electrolysis) — प्रयोगात्मक संकेत
जल का वैद्युत अपघटन (Electrolysis of Water) – दो कार्बन इलेक्ट्रोड, 6V बैटरी, पानी में थोड़ा H2SO4 या HCl द्रव द्रव में।
कैथोड पर H2 गैस बनती है; एनोड पर O2 गैस बनती है (आमतौर पर). दोनों गैसों के आयतन का अनुपात लगभग 2:1 होता है (H2:O2).
प्रयोग से यह भी दिखता है कि गैसों का आयतन समान नहीं रहता है; H2 अधिक मात्रा में बनती है।
Fe nails in CuSO4 solution (Displacement via electrochemical reaction)
Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s)
Fe ने CuSO4 से Cu आयन को विस्थापित कर Cu धातु जमा कर ली।
CuSO4 solution में Fe nails पकाने पर रंग परिवर्तन (Blue color fading) due to Cu^2+ depletion; यह विस्थापन अभिक्रिया का एक अंश है।
द्विविस्थापन (Double displacement) प्रयोग – Na2SO4 और BaCl2 आदि के विलयन मिलाने पर BaSO4 का अवक्षेप बनना; NaCl विलयन रहता है।
उपचयन-अनुप्रयोग/उपयोगी उदाहरण:
CaO जल के साथ अभिक्रिया करके Ca(OH)2 बनना; इसके बाद CO2 से CaCO3 बनना (दीवारों की सफेदी के लिए Ca(OH)2 का उपयोग) – Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3 + H2O (1.14)
9. उपयुक्त अभ्यास/उद्धृत समीकरण (संक्षेप)
संकलित समीकरणों के उदाहरण
Mg + O_2 → MgO
Mg + O_2 → MgO (गैस-उच्च अवस्था में)
Zn + H2SO4 → ZnSO4 + H2
Fe + 4H_2O → Fe3O4 + 4H2
Fe + CuSO4 → FeSO4 + Cu
Na2SO4 + BaCl2 → BaSO4(s) + 2 NaCl
Na2SO4 + BaCl2 → BaSO4(s) + 2 NaCl(aq) (अवक्षेपित)
भौतिक अवस्थाओं के संकेत (g, l, aq, s) को समीकरण में दर्शाते हैं जब आवश्यक हो:
10. अभ्यास प्रश्न (संक्षेपित)
उपर्युक्त प्रकार के अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए:
(i) H2 + Cl2 → HCl
(ii) BaCl2 + Na2SO4 → BaSO4 + 2 NaCl
उपयुक्त उदाहरणों के साथ oxidation state changes बताइए।
ऊष्माक्षेपी बनाम ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं को परिभाषित कीजिए और तीन-चार उदाहरण दीजिए।
श्वसन को एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहा जाता है? वर्णन कीजिए।
अवक्षेपण, उपचयन, और विस्थापन अभिक्रियाओं के लिए एक-दो प्रमुख उदाहरण लिखिए।
Silver nitrate से Copper पकाने (Displacement) की अभिक्रिया लिखिए और समीकरण लिखिए।
नोट: ऊपर दिये गये सभी उदाहरण और चरण 1.1 से 1.9, 1.10 आदि में दिए गये संतुलन के चरण, अभिक्रिया प्रकार, एवं प्रयुक्त पदार्थ (Mg, Fe, Zn, CuSO4 आदि) पाठ्यपुस्तक के अनुरूप हैं और प्रयोगात्मक दृश्य-उद्धरण/अवलोकन के साथ संकलित रूप में प्रस्तुत किये गये हैं।
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note: अगर आप चाहें तो मैं इन नोट्स को और अधिक संकुचित या अधिक विस्तारपूर्ण रूप से आपके परीक्षा-तैयारी के अनुसार ढाल सकता/सकती हूँ। कृपया बताएं कि किस स्तर (कक्षा 9/10/11 आदि) के अनुरूप उदाहरण और विवरण चाहते हैं, और कितने पन्नों के बराबर नोट्स चाहिए।