Food-Chain-and-Food-Web
उत्पादक (Producers / Autotrophs)
परिभाषा : ऐसे जीव-जन्तु जो अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, स्व-पोषी (Autotrophs) कहलाते हैं।
शब्द-उत्पत्ति : “Auto” = स्वयं, “troph” = भोजन; अतः स्व-पोषी।
सामान्य उदाहरण : सभी हरे पौधे व वृक्ष।
ऊर्जा स्रोत : सूर्य की प्रकाश ऊर्जा अथवा रासायनिक ऊर्जा के प्रयोग से CO_2 को कार्बनिक अणुओं में बदलते हैं।
प्रकाश संश्लेषण से कुल गिरी हुई सूर्य ऊर्जा का लगभग 1\% ही पकड़ पाते हैं।
अन्य सभी जैव उम्मेदवार (हर्बिवोर, कार्निवोर, आदि) भोजन के लिये उत्पादकों पर निर्भर।
प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis)
मौलिक समीकरण : CO2 + H2O \xrightarrow[\text{क्लोरोफिल}]{\text{प्रकाश}} C6H{12}O6 + O2
अवयव
प्रकाश ऊर्जा (Sun’s energy)
क्लोरोफिल : सूर्य प्रकाश को अवशोषित करता है।
CO2 (वायु से) व H2O (मृदा से, ज़ाइलेम द्वारा पत्ती तक)
उत्पाद : ग्लूकोज़ (शर्करा) व ऑक्सीजन।
स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में हरे पौधे सूर्य की कुल ऊष्मा का लगभग 1\% भोजन ऊर्जा में बदलते हैं।
पत्ती की रचना व गैस विनिमय
स्टोमेटा (रंध्र) : द्वार-कोशिकाएँ (guard cells) रंध्र छिद्र को खोल–बन्द करती हैं।
खुला रंध्र : CO2 प्रविष्ट, O2/वाष्प निर्गत; बन्द रंध्र में विपरीत।
ज़ाइलेम : जड़ से जल व खनिज ऊपर पहुँचाता है।
प्रकाश संश्लेषण हेतु आवश्यक शर्तें
सूर्य प्रकाश
CO_2
जल व खनिज
क्लोरोफिल की उपस्थिति
उपभोक्ता (Consumers / Heterotrophs)
स्व-पोषी से प्राप्त ऊर्जा को क्रमशः ग्रहण करते हैं।
1. हर्बिवोर (Herbivores – प्राथमिक उपभोक्ता)
केवल पौधे या पौध आधारित उत्पाद खाते हैं।
उदाहरण : गाय, बकरी, घोड़ा, ज़ेब्रा आदि।
2. कार्निवोर (Carnivores)
अन्य जन्तुओं/हर्बिवोरों को खाते हैं।
माध्यमिक व तृतीयक उपभोक्ता दोनों हो सकते हैं।
उदाहरण : शेर, बाघ, चीता, भेड़िया आदि।
3. ऑम्निवोर (Omnivores)
पौधे व जन्तु दोनों खाने वाले।
उदाहरण : मानव, भालू, सुअर, मुर्गी आदि।
4. अपघटक (Decomposers)
मृत व सड़ती जैविक वस्तु को सरल अकार्बनिक रूपों में तोड़ते हैं; पोषक-चक्र पुनर्चक्रित करते हैं।
उदाहरण : कवक, केंचुआ, बैक्टीरिया।
खाद्य शृंखला (Food Chain)
निरंतर रैखिक क्रम : उत्पादक ⟶ प्राथमिक उपभोक्ता ⟶ माध्यमिक ⟶ तृतीयक ⟶ अपघटक
उदहारण
वन : घास ⟶ हिरण ⟶ शेर
बगीचा : पौधे ⟶ कैटरपिलर/भृंग ⟶ मेंढक ⟶ साँप ⟶ बाज
तालाब : शैवाल ⟶ ज़ू प्लैंकटन ⟶ छोटी मछली ⟶ बड़ी मछली ⟶ शार्क/बगुला
खाद्य जाल (Food Web)
कई अंतःसम्बद्ध खाद्य शृंखलाएँ; ऊर्जा प्रवाह शाखान्वित रूप में।
उदाहरण संरचना :
पौधे → खरगोश, चूहे, टिड्डी
टिड्डी → मेंढक/चिड़िया → साँप → बाज
मृत जीव → अपघटक (फंगी) → मिट्टी में पोषक लौटाते हैं।
पोषी स्तर (Trophic Levels)
परिभाषा : खाद्य शृंखला में किसी जीव का स्थान।
स्तर
उत्पादक (Producers)
प्राथमिक उपभोक्ता (Herbivores)
माध्यमिक उपभोक्ता (छोटे कार्निवोर)
तृतीयक उपभोक्ता (बड़े कार्निवोर; अपेक्स प्रिडेटर)
दृश्य उदाहरण (पिरामिड):
10,000\, \text{kcal} – उत्पादक
1,000\, \text{kcal} – प्राथमिक उपभोक्ता (खरगोश)
100\, \text{kcal} – माध्यमिक उपभोक्ता (साँप)
10\, \text{kcal} – तृतीयक उपभोक्ता (बाज)
ऊर्जा प्रवाह व 10% नियम
प्रस्तावक : रेमंड लिंडमैन (1942).
नियम : एक पोष